"धोनी का होना ही काफी है": जब क्रीज पर खड़े थे माही, तो जीत तय थी!
"धोनी का होना ही काफी है": जब क्रीज पर खड़े थे माही, तो जीत तय थी!
भारतीय क्रिकेट में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी मौजूदगी ही मैच का रुख बदल सकती है। महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का नाम उन्हीं में शुमार है। हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में एक बार फिर माही ने साबित कर दिया कि अनुभव और संयम का कोई विकल्प नहीं होता।
"धोनी की मौजूदगी अमूल्य है" - वरुण एरॉन
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वरुण एरॉन ने जिओ होस्टार पर चर्चा करते हुए कहा, "धोनी का अंत तक क्रीज पर रहना अमूल्य है। आज उन्हें एक वाजिब लक्ष्य मिला था जिसे उन्होंने आसानी से पूरा कर दिया। बीते कुछ मैचों में निचले क्रम को 14-15 रन प्रति ओवर की जरूरत थी, जो हर दिन संभव नहीं होता। लेकिन आज धोनी के लिए टारगेट आदर्श था और उन्होंने दिखा दिया कि क्यों उन्हें फिनिशर कहा जाता है।"
एरॉन ने लखनऊ सुपर जायंट्स की डेथ ओवर गेंदबाजी की आलोचना करते हुए कहा, "वे सिर्फ वाइड लाइन डालते रहे, न कोई बाउंसर फेंका, न स्लो ऑफ स्टंप बॉल। रवि बिश्नोई को गेंद न देना एक बड़ी चूक थी।"
"धोनी की फिटनेस पर सवाल, लेकिन जज्बा बेमिसाल" - संजय बांगर
पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर ने धोनी की फिटनेस पर बात करते हुए कहा, "धोनी पूरी तरह फिट नहीं दिखे। लेग साइड पर कैच पकड़ते वक्त वे लंगड़ाते नजर आए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने दमदार बल्लेबाजी की। उनके अंदर का फिनिशर आज भी वैसा ही है। रनिंग में भले दिक्कत हो, लेकिन संयम और अनुभव के दम पर उन्होंने मैच को आखिरी ओवर में खत्म किया। यही धोनी की खासियत है।"
मैच का नायक: माही का मास्टरक्लास फिनिश
इस शानदार प्रदर्शन के दम पर चेन्नई सुपर किंग्स ने लखनऊ को 5 विकेट से हरा दिया और टूर्नामेंट में मजबूती से वापसी की। धोनी ने 11 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल था। वहीं, शिवम दुबे ने 43 रनों की संयमित पारी खेली।
विकेटकीपर के रूप में धोनी ने दो कैच पकड़े और एक शानदार रन आउट भी किया। इसके लिए उन्हें "प्लेयर ऑफ द मैच" का खिताब मिला।
धोनी के IPL आंकड़े: उम्र सिर्फ नंबर है
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IPL 2025 में अब तक: 7 मैचों में 130 रन, औसत 43.33, स्ट्राइक रेट 158.33
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सीजन में CSK के लिए सबसे ज्यादा छक्के (8)
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आईपीएल करियर: 5373 रन, औसत 39.22, स्ट्राइक रेट 137+, 24 अर्धशतक, बेस्ट 84 रन
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निष्कर्ष: धोनी का अनुभव टीम की सबसे बड़ी ताकत
महेंद्र सिंह धोनी भले ही अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव पर हों, लेकिन उनके अनुभव और मैदान पर ठहराव ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्यों उन्हें सबसे महान फिनिशरों में गिना जाता है। जब माही क्रीज पर होते हैं, तो विपक्षी टीमों को डर सताने लगता है — क्योंकि धोनी कभी भी मैच को अपनी मुट्ठी में कर सकते हैं।
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